उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट, उत्तरकाशी में भूस्खलन से बाईपास मार्ग प्रभावित
देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तराखंड में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने सोमवार 17 अगस्त को देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश तथा राज्य के अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इस बीच उत्तरकाशी में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उत्तरकाशी बाईपास मोटर मार्ग पर लगातार मलबा और भारी बोल्डर गिर रहे हैं। सोमवार सुबह से पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। मार्ग को यातायात के लिए खोलने के लिए दिनभर में तीन से चार बार मलबा हटाया गया, लेकिन हर बार कुछ ही समय बाद दोबारा मलबा आने से सड़क बाधित हो गई। जनसुरक्षा को देखते हुए उत्तरकाशी बाईपास मोटर मार्ग को सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक यातायात के लिए पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यात्रियों से इस दौरान मार्ग पर आवाजाही से बचने की अपील की गई है।
NH-134 पर मलबा-पत्थर आने से यातायात बाधित
जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार सुबह NH-34 (गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग) पर हेल्गूगाड के पास मार्ग बाधित हुआ था, जिसे सुबह करीब 7:30 बजे यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया। वहीं NH-134 (यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग) पर दुर्बिल के पास मलबा और पत्थर आने से मार्ग बाधित है। मार्ग को सुचारू करने की कार्रवाई जारी है।
भटवाड़ी में 6 मिमी बारिश
सोमवार सुबह 8 बजे तक उत्तरकाशी जनपद में मुख्यालय में 1 मिमी और भटवाड़ी में 6 मिमी बारिश दर्ज की गई। मोरी, पुरोला, बड़कोट, चिन्यालीसौड़ और डुंडा में बारिश दर्ज नहीं हुई। जनपद मुख्यालय और सभी तहसील क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। यमुनोत्री धाम में भी बादल छाए हैं, जबकि गंगोत्री धाम में धूप खिली हुई है।
नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब
सुबह 8 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भागीरथी, टौंस और यमुना समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर निगरानी में है। टौंस नदी मोरी में 1266.70 मीटर दर्ज हुई, जबकि चेतावनी स्तर 1267 मीटर है। इसी तरह यमुना नदी नौगांव में 1058.84 मीटर दर्ज हुई, जबकि चेतावनी स्तर 1059 मीटर है। भागीरथी नदी तिलोथ पुल पर 1120.58 मीटर रही, जहां चेतावनी स्तर 1122 मीटर निर्धारित है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल जनपद में स्थिति सामान्य है और सभी तहसील कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है।
18 से 20 अगस्त तक भी बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 18 अगस्त को बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पर्वतीय जिलों में गर्जन-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश हो सकती है। 19 अगस्त को बागेश्वर और देहरादून तथा 20 अगस्त को पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के दौर की संभावना बनी हुई है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने की सलाह दी गई है।

