गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक देने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए लोग पारंपरिक फर्मेंटेड ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं। इनमें खास तौर पर छाछ और कांजी का सेवन काफी लोकप्रिय है। दोनों ही पेय प्रोबायोटिक्स से भरपूर होते हैं और आंतों की सेहत सुधारने में मदद करते हैं, लेकिन इनके गुण और उपयोग अलग-अलग हैं।
छाछ: गर्मियों की ठंडी और हल्की ड्रिंक
छाछ, दही से तैयार की जाने वाली एक हल्की और लो-फैट ड्रिंक है। इसमें लैक्टिक एसिड, कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन B12 और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर में मौजूद खराब बैक्टीरिया को कम करने और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में सहायक होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, छाछ का नियमित सेवन गैस, एसिडिटी और पेट की सूजन को कम करता है। साथ ही, यह शरीर को ठंडक देकर डिहाइड्रेशन से बचाती है, इसलिए गर्मियों में इसे दैनिक आहार का हिस्सा बनाना फायदेमंद माना जाता है।
कांजी: प्रोबायोटिक्स से भरपूर देसी ड्रिंक
कांजी एक पारंपरिक फर्मेंटेड ड्रिंक है, जिसे चावल के पानी, चुकंदर या शकरकंद जैसे तत्वों को कुछ दिनों तक फर्मेंट करके तैयार किया जाता है। इसमें विटामिन B1, B6, मैग्नीशियम और लाभकारी बैक्टीरिया प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
विशेष रूप से बीटरूट कांजी में एंटीऑक्सीडेंट, आयरन और विटामिन C मौजूद होते हैं, जो न केवल पाचन को बेहतर बनाते हैं बल्कि शरीर को डिटॉक्स करने और रक्त संचार को सुधारने में भी मदद करते हैं। कांजी कब्ज और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं में भी राहत देती है।
हेल्थ के लिए क्या चुनें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों ही ड्रिंक आंतों के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन इनका चयन व्यक्ति की जरूरत और मौसम के अनुसार होना चाहिए।
छाछ गर्मियों में रोजाना सेवन के लिए बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह शरीर को ठंडा रखती है और हल्की होती है।
कांजी पाचन तंत्र की गड़बड़ी, कब्ज या डिटॉक्स की जरूरत होने पर ज्यादा प्रभावी मानी जाती है।
सावधानी भी जरूरी
हालांकि, इन ड्रिंक्स का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक मात्रा में कांजी लेने से कुछ लोगों में गैस या एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है, जबकि लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोगों को छाछ से परहेज करना चाहिए।
निष्कर्ष
छाछ और कांजी दोनों ही पारंपरिक पेय आंतों की सेहत के लिए लाभकारी हैं। जहां छाछ दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त है, वहीं कांजी विशेष परिस्थितियों में पाचन सुधारने और शरीर को डिटॉक्स करने में अधिक असरदार साबित होती है। विशेषज्ञ संतुलित आहार और सही मात्रा में इनका सेवन करने की सलाह देते हैं।

