उत्तराखंड में मौसम के मिजाज में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में हुई हल्की से मध्यम बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज आंधी के बाद अब चिलचिलाती धूप और गर्मी लोगों को सताने वाली है. मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) की देहरादून केंद्र से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, सोमवार 18 मई को पूरे उत्तराखंड में मौसम पूरी तरह से शुष्क यानी साफ रहने की संभावना है. हालांकि, पिछले 24 घंटों के दौरान पहाड़ों से लेकर मैदानों तक प्रकृति का अलग ही रूप देखने को मिला, जहां कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई और तेज हवाओं ने मौसम को थोड़ा ठंडा कर दिया था. लेकिन अब आने वाले दिनों में सूरज के तेवर एक बार फिर से तीखे होने वाले हैं और मैदानी इलाकों में लोगों को चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य बना हुआ है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह सामान्य से थोड़ा कम या कुछ जगहों पर सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है. वहीं, अगर न्यूनतम तापमान की बात करें तो मैदानी इलाकों में यह सामान्य के आसपास बना हुआ है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों के भीतर पूरे उत्तराखंड में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने वाला है, हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल मौसम विभाग की ओर से लू को लेकर कोई हाई टेम्परेचर वार्निंग या अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के कई अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो जखोली में सबसे ज्यादा 28.0 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा उत्तरकाशी में 19.0 मिमी, पौड़ी में 5.5 मिमी, रुद्रप्रयाग में 4.0 मिमी, मुनस्यारी में 2.4 मिमी, धारचूला में 1.4 मिमी और चमोली में 0.6 मिमी बारिश मैनुअल स्टेशनों पर दर्ज की गई. वहीं दूसरी तरफ, ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के मुताबिक श्रीनगर में 3.0 मिमी, नरेंद्र नगर और कर्णप्रयाग में 2.0-2.0 मिमी तथा बरकोट में 1.0 मिमी बारिश हुई. जखोली और उत्तरकाशी में बारिश के साथ ही भारी ओलावृष्टि और बादलों की गड़गड़ाहट भी सुनी गई।

