मंदिर की गद्दी को लेकर आरोपियों ने दिया था हत्याकांड को अंजाम
हरिद्वार। थाना पथरी क्षेत्र के पथरेश्वर महादेव मंदिर शिवगढ में हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक आरोपी फरार है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। मंदिर की गद्दी के विवाद में आरोपी दो साधुओं की जघन्य हत्या करने के बाद शवों को मंदिर परिसर में ही गढ्ढे में दबाकर फरार हो गए थे।
खुलासा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि 21 जुलाई को मंदिर में दो साधुओं की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए। मुकद्मा दर्ज करने के बाद हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया।

जांच पड़ताल में जुटी पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर काठा पीर के जंगल में छिपे तीन आरोपियों अंकुर उर्फ अखिल गिरी चेला महेश गिरी निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर शिवगढ थाना पथरी, आशु पुत्र देवीचंद सैनी निवासी इस्माईल पुर लक्सर व राममिलन पुत्र वासवानन्द निवासी गोरसाडा उत्तरकाशी हाल निवासी करनाल हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक पारसनाथ द्वारा मृतक सेवागिरी को मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी बनाए जाने से आरोपी नाराज थे।
घटना वाली रात मंदिर में कुल सात लोग मौजूद थे। जिनमें से एक उत्तम झा बगल में ही बने शिव मंदिर में सो गया था। देर रात पारसगिरी ने सेवागिरी को पगड़ी पहनाकर मंदिर की गद्दी का मालिक बना दिया। जिसके बाद बाहर बैठे चारों आरोपियों ने योजना बनाकर सीसीटीवी कैमरे बंद किए और फिर पहले पाठल से गला रेतकर सेवा गिरी की हॉल के अंदर हत्या की फिर पारसगिरी को बाथरूम के फर्श पर पटक कर पाठल से वार कर उसकी भी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद आरोपियों ने आश्रम के पास ही गढ्ढा खोदकर दोनो के शवो को दबा दिया और हाल में पड़े खून को साफ कर गद्दे को जला दिया। उत्तम झा को भी धमकाते हुए अपना फोन व सिम तोड़कर कहीं दूर चले जाने को कहकर चारों फरार हो गए।

