(हरिद्वार) ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में अमर शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी

हरिद्वार। पंडित महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में अमर शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति, ऋषिकुल परिसर के निदेशक, विश्वविद्यालय एवं परिसर के वरिष्ठ शिक्षक, चिकित्सक, ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा स्नातकोत्तर छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. विनीत कुमार अग्निहोत्री एवं सचिव डॉ. वेद भूषण शर्मा सहित कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा अमर शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर किया गया। सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. नरेश कुमार चौधरी ने अमर शहीद जगदीश वत्स के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके बलिदान की वीरगाथा से उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अतिथियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है तथा युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र एवं समाज सेवा के लिए आगे बढ़ना चाहिए


इसके पश्चात उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, कुलसचिव डॉ. ओपी शर्मा, ऋषिकुल परिसर निदेशक प्रो. अनूप कुमार गख्खड़ तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने अमर शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कुलपति प्रो. डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि ऋषिकुल केवल आयुर्वेद शिक्षा एवं चिकित्सा का प्रमुख केंद्र ही नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता चेतना, राष्ट्रसेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गौरवशाली परंपरा का भी प्रतीक है। अमर शहीद जगदीश वत्स जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित कराना हम सभी का दायित्व है। विश्वविद्यालय ऋषिकुल की गौरवशाली परंपराओं और विरासत को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
ऋषिकुल परिसर निदेशक प्रो. अनूप कुमार गख्खड़ ने कहा कि ऋषिकुल की ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक विरासत देशभर के आयुर्वेद विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि अमर शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रभक्ति, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देती है।
एसोसिएशन के प्रचार मंत्री डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने कहा कि अमर शहीद जगदीश वत्स को श्रद्धांजलि देना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ऋषिकुल की राष्ट्रसेवा और सामाजिक प्रतिबद्धता की गौरवशाली परंपरा को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल की पहचान केवल एक शिक्षण संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि आयुर्वेद, चिकित्सा, शिक्षा, राष्ट्रसेवा और मानवीय मूल्यों के समन्वय के रूप में रही है।

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