श्रद्धांजलि सभा के पश्चात ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने परिसर निदेशक प्रो. अनूप कुमार गख्खड़ से औपचारिक भेंट कर नवंबर माह में प्रस्तावित एलुमनाई मीट के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इसके बाद एसोसिएशन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से संबंधित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी तैयारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में अध्यक्ष प्रो. विनीत कुमार अग्निहोत्री ने सभी पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों को एलुमनाई मीट को भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल के गौरवशाली इतिहास, परंपरा और पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को कार्यक्रम में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

कार्यक्रम एवं बैठक में विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं शिक्षकगण, एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. देवेंद्र शर्मा चमोली, डॉ. अशोक पालीवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. प्रेम प्रकाश सतलेवाल, कोषाध्यक्ष डॉ. टीके गर्ग, उपाध्यक्ष डॉ. मनीषा दीक्षित, वरिष्ठ सदस्य डॉ. उदय पांडे, उप सचिव डॉ. यादवेंद्र यादव, डॉ. पारुल शर्मा, कोर कमेटी सदस्य डॉ. अशोक कुमार त्यागी, डॉ. अरुण कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. ओपी सिंह, रोग निदान विभागाध्यक्ष प्रो. रूबी रानी अग्रवाल, रसशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. खेमचंद शर्मा, शल्य तंत्र विभागाध्यक्ष प्रो. अजय गुप्ता, अगद तंत्र विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश चंद्र तिवारी, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. कीर्ति वर्मा, रचना शरीर विभागाध्यक्ष प्रो. रीना दीक्षित, क्रिया शरीर विभागाध्यक्ष प्रो. माधवी गोस्वामी, स्वस्थवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. सीमा जोशी, डॉ. शोभित वार्ष्णेय, प्रो. शुचि मित्रा, प्रो. संजय सिंह, प्रो. संजय त्रिपाठी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भावना मित्तल, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. सविता सोनकर, चिकित्सा अधिकारी संघ के सचिव डॉ प्रदीप कुमार, डॉ. सुजाता कादियान, पूर्व प्राचार्य क्वाड्रा आयुर्वेदिक कॉलेज डॉ. गोपाल कृष्ण शर्मा, सहायक लेखा अधिकारी प्रमेश गुप्ता सहित विश्वविद्यालय एवं ऋषिकुल परिसर के शिक्षक, चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर रोग निदान, अगद तंत्र एवं रचना शरीर विभाग के स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान तथा ऋषिकुल की गौरवशाली विरासत के प्रति गौरव की भावना को और सुदृढ़ किया।

एसोसिएशन के सचिव डॉ. वेद भूषण शर्मा ने कहा कि एलुमनाई मीट ऋषिकुल के पूर्व छात्रों, वर्तमान विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संस्थान के बीच आत्मीय संबंधों को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं एवं तैयारियों को लेकर कार्यकारिणी द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है और सभी सदस्यों को जिम्मेदारियां प्रदान की जा रही
नवंबर में प्रस्तावित एलुमनाई मीट के माध्यम से देश-विदेश में कार्य कर रहे ऋषिकुल के पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को भव्य एवं यादगार बनाने के लिए एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
नवंबर माह में प्रस्तावित एलुमनाई मीट के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इसके बाद एसोसिएशन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से संबंधित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी तैयारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में अध्यक्ष प्रो. विनीत कुमार अग्निहोत्री ने सभी पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों को एलुमनाई मीट को भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल के गौरवशाली इतिहास, परंपरा और पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को कार्यक्रम में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।


