मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को काशीपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे रोजगार और शिक्षा के अवसर,पलायन रोकने पर सरकार का जोर
युवा आयोग और अग्निवीर सेल’ से सुरक्षित होगा युवाओं का भविष्य : मुख्यमंत्री
देहरादून में बनाई जा रही देश की 5वीं सबसे बड़ी ‘साइंस सिटी’, हर जिले में खुलेंगे टेक्नोलॉजी सेंटर
काशीपुर। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को काशीपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए उनके विचार और सुझाव सुने तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के 1400 से अधिक विद्यार्थियों प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने में युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहने वाला है। उन्होंने कहा युवाओं के पास नया विजन है, आउट-ऑफ-द-बॉक्स थिंकिंग है और सबसे बड़ी बात कुछ कर गुजरने का जुनून है। उन्होंने कहा जब भी उन्हें प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों और युवाओं से मिलने का अवसर मिलता है, तो वो युवाओं से अवश्य संवाद करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा युवाओं के विचार सुनकर महसूस होता है कि देश का युवा बहुत जागरूक है, युवाओं को हर विषय की गहरी समझ है। उन्होंने कहा हाल ही में सरकार ने युवाओं से “मेरे सपनों के उत्तराखंड” को लेकर सुझाव मांगे थे। इन सुझावों के माध्यम से विद्यार्थियों ने राज्य के अलग-अलग विषयों को लेकर बहुत अच्छे सुझाव दिए। युवाओं के विचारों को पढ़कर उनका विश्वास और मजबूत हो गया है कि उत्तराखंड का भविष्य बेहद ही सुरक्षित और सक्षम हाथों में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन यहां के युवाओं के सपने छोटे नहीं हैं। उन्होंने आज की पीढ़ी सपने देखने के साथ उन सपनों को पूरा करने का भी साहस रखती है। विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत में युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है। युवाओं में वो क्षमता है कि जो दुनिया के किसी भी बड़े मंच पर जाकर अपने प्रदेश और अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगे चलकर आपमें से कोई वैज्ञानिक शिक्षक, खिलाड़ी बनेगा, तो कई युवा अपना स्टार्टअप शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा जब से उन्हें “मुख्य सेवक” के रूप में काम करने का अवसर मिला, उनका यह संकल्प रहा है कि उत्तराखंड का कोई भी होनहार बेटा या बेटी अवसरों के अभाव में पीछे नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने कहा राज्य सरकार, वर्चुअल क्लासरूम नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है। शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एन.सीई.आर।टी आधारित पाठ्यक्रम लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है। विद्यार्थी विज्ञान और नई तकनीक से भी अवगत हो इसके लिए देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। प्रदेश में स्टेम लैब्स, साइंस और इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियों तथा बाल विज्ञान कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, क्रिएटिविटी और प्रैक्टिकल लर्निंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर विद्यार्थी ज्ञान, कौशल और तकनीक से सशक्त होकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा जॉब सीकर के साथ जॉब क्रिएटर बनने का सपना देखें। जिसके लिए प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुसार आधुनिक और डिमांड-बेस्ड स्किल्स से जोड़ने का प्रयास जारी है। युवाओं को बेहतर अवसरों के लिए अपना घर और अपना पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो, इसके लिए प्रदेश में लगातार औद्योगिक और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। खेल के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल नीतियां और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा सरकार युवाओं को बेहतर अवसर, संसाधन और प्लेटफॉर्म दे सकती है, लेकिन उन अवसरों को सफलता में बदलना सिर्फ और सिर्फ युवाओं के अपने हाथों में है। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सभी युवा खूब मेहनत करें, खूब पढ़ाई करें और सबसे बढ़कर अपने आप पर विश्वास रखें। उन्होंने कहा कोई भी लक्ष्य युवाओं के लिए बड़ा नहीं है, और युवा अपने सपनों को पूरा करने का संकल्प लेकर किसी भी कार्य में सफलता ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों,अगर सीखने की इच्छा हो तो इंसान अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में नशा, बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी है। नशा व्यक्ति के साथ पूरे परिवार के सपनों को बर्बाद कर देता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने की भी बात कही। उन्होंने कहा स्वयं के साथ अपने दोस्तों,साथियों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की इस विकास यात्रा के युवा असली कर्णधार हैं युवाओं की सोच और मेहनत ही देवभूमि को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। राज्य सरकार युवाओं की प्रतिभा को नए अवसर देने और रास्ते को आसान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि आप जैसे प्रतिभाशाली व मेहनती युवा उत्तराखंड को देश का सबसे अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर विद्यार्थियों के सवालों का सहजता व सरलता जवाब देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को स्पष्ट किया। विद्यार्थी शौर्य, दक्ष, चंद्रा, प्रभजोत, खुशी, सिमरन, कात्यायनी ,आरती, वैष्णवी और आद्रिका द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर मुख्यमंत्री ने युवा आयोग, उत्तराखंड के विकास, अग्निवीर योजना, साईबर क्राइम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विचार साझा किए। छात्र शौर्य के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा आयोग युवाओं की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम करेगा। छात्र दक्ष के ‘सपनों का उत्तराखंड’ से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है जहाँ युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पलायन न करना पड़े। राज्य में ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही किसानों को उनके उत्पादों का स्थानीय स्तर पर बाजार मिले ताकि फसलों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
छात्रा चंद्रा द्वारा अग्निवीर सैनिकों के भविष्य को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने बताया कि सरकार अग्निवीरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है और इसके लिए अग्निवीर सेल का गठन किया जा रहा है। छात्रा ख़ुशी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी पर किए गए सवाल के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई हमारे लिए चुनौती के साथ-साथ एक बेहतरीन अवसर भी है। आधुनिकता के इस दौर में हमें इसके अनुरूप खुद को ढालना होगा। टेक्नोलॉजी से अनभिज्ञ न रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी के नए शोधों ने कठिन कार्यों को आसान बना दिया है।
छात्रा प्रभजोत ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से संवाद करते हुए एक पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो नागरिक निसंकोच टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है और प्राप्त शिकायतों पर विशेष टीमों द्वारा त्वरित जांच की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य देवभूमि है और देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए। इस दौरान विधायक श्री त्रिलोक सिंह चीमा,मेयर श्री दीपक बाली, दायित्वधारी श्री उत्तम दत्ता, फ़रजाना बेगम, मनजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष मनोजपाल, खिलेंद्र चौधरी, मोहनपाल, गुरविंदर सिंह चंडोक, एसएसपी अजय गणपति एवं अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

