आंवला – बेहद गुणकारी औषधी

कहते हैं बुजुर्गों की बात का और आंवले के स्वाद का पता बाद में चलता है। जी, आंवला बेहद गुणकारी है। इसलिए इसे हर मर्ज की दवा भी कहा जाता है। आंवला पाचन तंत्र से लेकर स्मरण शक्ति को दुरुस्त करता है। नियमित रूप से आंवले का सेवन करने से बुढ़ापा भी दूर रहता है। मधुमेह, बवासीर, नकसीर, दिल की बीमारी जैसी समस्याओं का इलाज आंवले में छिपा है। आइए हम आपको बताते हैं कि आंवला आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।

आंवले का सेवन करने के फायदे

आंवला विटामिन-सी का अच्छा स्रोत होता है। एक आंवले में 3 संतरे के बराबर विटामिन सी की मात्रा होती है।
आंवला खाने से लीवर को शक्ति मिलती है, जिससे हमारे शरीर में विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकलते हैं।
आंवला का सेवन करने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
आवंले का जूस भी पिया जा सकता है। आंवला का जूस पीने से खून साफ होता है।
आंवला खाने से आंखों की रोशनी बढती है।
आंवला शरीर की त्वचा और बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
सुबह नाश्ते में आंवले का मुरब्बा खाने आपका शरीर स्वस्थ बना रहता है।

आंवला खाने से बीमारियों में फायदा

मधुमेह
डायबिटीज के मरीजों के लिए आंवला बहुत फायदेमंद होता है। मधुमेह के मरीज हल्दी के चूर्ण के साथ आंवले का सेवन करे। इससे मधुमेह रोगियों को फायदा होगा।

बवासीर

बवासीर के मरीज सूखे आंवले को महीन या बारीक करके सुबह-शाम गाय के दूध के साथ हर रोज सेवन करे। इससे बवासीर में फायदा होगा।

नकसीर के लिए

यदि नाक से खून निकल रहा है तो आंवले को बारीक पीसकर बकरी के दूध में मिलाकर सिर और मस्तिक पर लेप लगाइए। इससे नाक से खून निकलना बंद हो जाएगा।

दिल के मरीज

आंवला खाने से दिल मजबूत होता है। दिल के मरीज हर रोज कम से कम तीन आंवले का सेवन करें। इससे दिल की बीमारी दूर होगी। दिल के मरीज मुरब्बा भी खा सकते हैं।

खांसी और बलगम

खांसी आने पर दिन में तीन बार आंवले का मुरब्बा गाय के दूध के साथ खाएं। अगर ज्यादा तेज खांसी आ रही हो तो आंवले को शहद में मिलाकर खाने से खांसी ठीक हो जाती है।

पेशाब में जलन

यदि पेशाब करने में जलन हो तो हरे आंवले का रस शहद में मिलाकर सेवन कीजिए। इससे जलन समाप्त होगी ओर पेशाब साफ आएगा।

पथरी के लिए

पथरी की शिकायत होने पर सूखे आंवले के चूर्ण को मूली के रस में मिलाकर 40 दिन तक सेवन कीजिए। इससे पथरी समाप्त हो जाएगी।

आंवला खाने से कई प्रकार की शरीरिक समस्याओं और रोगों से बचाव होता है। और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। खासतौर पर सर्दियों में अंवला बहुतायत में मौजूद होता है। आंवला का कई प्रकार से सेवन किया जा सकता है और किसी भी रूप में इसका सेवन करने से ये उतना ही फायदा करता है।

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