हिमांशु मिश्रा विदेशी कंपनी की हाई पैकेज नौकरी छोड़ सेना में बने लेफ्टिनेंट

हल्दूचौड़ के हिमांशु मिश्रा ने बचपन का सपना किया साकार

हल्द्वानी। कहते हैं कि पूत के पांव पालने में ही दिखाई दे जाते हैं। यह कहावत हल्दूचौड़ क्षेत्र के दुर्गापालपुर परमा निवासी हिमांशु मिश्रा पर पूरी तरह चरितार्थ होती है। बचपन से ही मेधावी हिमांशु ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का अपना सपना साकार करते हुए लेफ्टिनेंट पद के लिए चयन हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है और परिजनों को बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है।

दुर्गापालपुर परमा निवासी गोपाल दत्त मिश्रा एवं विमला मिश्रा के पुत्र हिमांशु मिश्रा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी वाराणसी से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद हिमांशु को एक विदेशी कंपनी में आकर्षक पैकेज पर नौकरी मिली, लेकिन सेना में अधिकारी बनने का बचपन से देखा सपना उन्हें लगातार प्रेरित करता रहा। अंततः उन्होंने हाई पैकेज की नौकरी छोड़कर भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लक्ष्य को प्राथमिकता दी और कड़ी मेहनत के बल पर सफलता हासिल की।

हिमांशु के पिता गोपाल दत्त मिश्रा भारतीय सेना की 17 कुमाऊं रेजिमेंट में हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी माता विमला मिश्रा गृहिणी हैं। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले हिमांशु ने अपनी सफलता से न केवल माता-पिता का गौरव बढ़ाया, बल्कि क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है।

हिमांशु की सफलता पर विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक नवीन चंद्र दुम्का, जिला पंचायत सदस्य दीपा चंदोला, कमलेश चंदोला, हेमवतीनंदन दुर्गापाल, ग्राम प्रधान सुरेंद्र मलवाल सहित क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने हिमांशु को बधाई देते हुए भारतीय सेना में उनके उज्ज्वल भविष्य और देशसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।

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