आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहक के खाते से की 50 लाख की ट्रांजेक्शन,महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
13 लाख रुपये नगद, प्लॉट की रजिस्ट्री व स्कूटी बरामद
हरिद्वार। धोखाधड़ी के जरिए आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहक के खाते से 50 लाख की ट्रांजेक्शन किए जाने का खुलासा करते हुए नगर कोतवाली पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नगद, 1 प्लॉट की रजिस्ट्री, 1 स्कूटी व मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंक से खाता धारक का डेबिट कार्ड हासिल कर ठगी को अंजाम दिया था। ठगी कर निकाली गयी रकम से आरोपियों ने ज्वेलरी, जमीन और स्कूटी खरीदी थी। मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान खुलासा करते हुए एसपी क्राइम नेहा यादव ने बताया कि बीते वर्ष 8 अक्टूबर को आईसीआईआईसी बैंक की पुराना रानीपुर मोड़ स्थित शाखा के मैनेजर अपूर्व दुबे ने खाताधारक की जानकारी के बिना उसके खाते से 50 लाख की संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज करायी थी।
शिकायत के आधार पर मुकद्मा दर्ज कर विवेचना शुरू की गयी तो कुछ फोन नंबर संदिग्ध पाए गए। जांच पड़ताल के दौरान एक संदिग्ध नंबर की लोकेशन भगवानपुर क्षेत्र के सिसौना रायपुर में मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश दी। लेकिन सफलता नहीं मिल पायी। पुलिस टीम ने दोबारा प्रयास करते हुए मण्डावर से खेड़ी शिकोहपुर जाने वाले हाईवे पर नीले रंग की स्कूटी समेत एक महिला संगीता देवी पत्नी बिकास कुमार हाल निवासी ग्राम सिसौना भगवानपुर मूल निवासी बिहार और दो पुरूषों अपेन्दर कुमार सहगल पुत्र पाल सिंह निवासी जनता रोड गोविन्द विहार थाना जनकपुरी जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश व रीनू कुमार उर्फ सोनू कुमार पुत्र हुकुम चन्द निवासी गांव मेगछापर थाना कुतुबशेर जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश को दबोच लिया।

एसपी नेहा यादव ने बताया कि आरोपी विभिन्न बैंकों में बड़ी-बड़ी कंपनियों के खातों का पता लगाकर बैंक की लचर प्रणाली का फायदा उठाते हुए कस्टमर केयर और फोन बैंकिंग इत्यादि के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड के जरिए कंपनी का डेबिट कार्ड हासिल कर खाते से पैसे निकाल लेते थे।
जांच में यह भी पता चला है कि कीपसे इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड, गैलेक्सी इलेक्ट्रिकल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, बजाज इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, होंडा केयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ऑटोमेटिक मैन्युफैक्चरर प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के खाते भी आरोपियों के निशाने पर थे।
आईसीआईसीआई बैंक मामले में अपेन्दर कुमार सहगल ने रिनू कुमार उर्फ सोनू कुमार को कैशफ्री पेमेंटस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी की एकाउन्ट डिटेल उपलब्ध करायी थी। इसके बाद सोनू कुमार ने जुलाई 2025 में फोन बैंकिंग के माध्यम से कम्पनी के एकाउन्ट में आकाश सिन्हा के नाम की ईमेल आईडी बदलकर बैंक के कस्टमर केयर पर फोन बैकिंग के माध्यम से डेबिट कार्ड के लिये आवेदन किया। डेबिट कार्ड हासिल होने पर रिनु कुमार उर्फ सोनू के कहने पर संगीता देवी ने डेबिट कार्ड से देहरादून, रुडकी और दिल्ली से लगभग 35 लाख रुपये की ज्वैलरी खरीद कर सोनू कुमार को दी।
संगीता देवी के नाम से एक प्लॉट और अपेन्द्र कुमार के नाम से स्कूटी खरीदी। एसपी नेहा यादव ने बताया कि आरोपी अपेन्द्र कुमार और सोनू कुमार वर्ष 2022 में जनपद सहारनुपर के बेहट थाने से एटीएम फ्रॉड के संबंध में जेल में जा चुके हैं। आरोपी सोनू कुमार 2013 में सहसपुर थाने से हत्याकांड में जेल गया था। पूरे मामले में कुछ और किरदार भी सामने आए हैं जिनकी पड़ताल और तलाश की जा रही है।

